नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर...

नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर.... 

नमस्कार दोस्तों , कैसे हैं आप सब? आज मेरा मन है कि मैं  आप सब से कुछ बहुत साधारण सी बात शेयर करूँ।  हम सब की आदत हो गयी है नकारात्मक बातें करने की. जैसे कि कहीं हम बीमार न हो जाएँ, कहीं हमारे साथ कुछ गलत न हो जाये, कहीं जॉब नहीं मिली, अगर जॉब से निकाल दिया तो, वगैरह वगैरह। दोस्तों, हम नकारात्मक बातों पर ही क्यों ज़्यादा ध्यान देतें हैं? चलिए मैं आप सब को एक एक्सरसाइज देती हूँ।  हमे ये देखना है कि सुबह से शाम तक हम  खुद के या दूसरों के बारे में कितनी बार नकारात्मक बातें  कहते हैं? दोस्तों हम सभी ने बड़े लोगों को कहते सुना होगा कि पूरे दिन में एक बार हमारी जबान पर माँ सरस्वती बैठती हैं तो क्या पता कब हमारी नकारात्मक बातें सच हो जाएँ। बड़े लोगों ने हमारी नकारात्मक बातें करने की आदत छुड़ाने केलिए जानबूझ कर माँ सरस्वती का नाम इस बात से जोड़ दिया क्योंकि वे ज्ञान की देवी हैं और मानव परम पिता की सर्वश्रेठ रचना है. हमें  हमेशा सकारात्मक बोलना चाहिए। 

अगर हम उपर्लिखित उदहारण को न भी मानें तो भी हमें Law of Attraction के बारे में जानना चाहिए। इस लॉ के हिसाब से हम जो भी बोलते या सोचतें हैं वही हमारे साथ घटित होता है. तो अब ये हम पर निर्भर करता है की हम अपनी लाइफ कैसी बनाना चाहते हैं. सकारात्मक विचार हमे सकारात्मक  जीवन की ओर मोड़ते हैं और वहीँ नकारात्मक विचार हमे पीछे धकेल देतें हैं. तो दोस्तों वो चीज़ें या यादें जो हमे नकारात्मकता की तरफ ले जाएँ, उन्हें हमें अपनी लाइफ से पूरी तरह से निकाल देना चाहिए। तो मिलते हैं दूसरे  ब्लॉग में कुछ नयी चर्चा के साथ. नमस्कार, 

ममता शर्मा 



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