Saturday, 30 July 2016

सफलता प्राप्त करने का आसान उपाय

सफलता प्राप्त करने का आसान उपाय


प्रिय दोस्तों,
आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में हम सब इतना फँस चुके हैं की हम भूल ही गए कि हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है. मानव इच्छाएं असीमित हैं और उन्हें प्राप्त करने के लिए हम ज़्यादा से ज़्यादा मेहनत करने के लिए प्रयास करते हैं और इसतरह हम सिर्फ खुद तक ही सिमट कर रह गएँ हैं. आखिर कहाँ है सफलता? हम इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
दोस्तों, सिर्फ एक काम करना है. मै आपको एक बहुत आसान तरीका बताती हूँ. परंतु उसे आप सब से शेयर करने के पहले एक बहुत महत्त्वपूर्ण  बात बताती हूँ. ये तरीका एक प्रक्रिया है जिसे हमे कॉन्स्टैंटली यानि लगातार प्रैक्टिस करते रहना पड़ेगा.
सबसे पहले हमें थोड़ी देर अकेले बैठना है और सोचना है की हम वास्तव में क्या चाहते हैं. हम दिन भर लोगों से घिरे रहते हैं और हमारे बारे में उनकी क्या ओपिनियन  हैं यही सुनते और सोचते रहते हैं.  और इस तरह से हम अपने आप को दूसरों  की नज़र से देखने के अभ्यस्त हो जाते हैं. जैसे हम काले हैं, मोटे हैं, असफल हैं, आदि इत्यादि, तो कहने का आशय यह है कि हम अपने बारे में क्या सोच रखते हैं, ये जानना बहुत ज़रूरी है.  हममें से ज़्यादातर को मालूम ही नहीं कि वो किस तरह के व्यक्ति हैं और दोस्तों, इस तरह की मानसिकता हमारी सफलता के मार्ग में रुकावट है... एक बहुत बड़ी रुकावट. तो अकेले बैठिये और खुद के बारे में एकदम सही निर्णय लीजिये कि  आप सच में किस तरह के व्यक्ति हैं.
इस प्रक्रिया का दूसरा चरण है ये सोचना कि आप क्या चाहते हैं. मेरा तात्पर्य है कि आप क्या अचीव करना चाहते हैं. याद रखें आप को वो नहीं सोचना है जो आप के परिवार वाले आपको बनाना चाहते हैं, आपको वो सोचना है जो आप खुद बनना चाहते हैं.यह आपकी सफलता में बहुत ज़रूरी योगदान देगी.
तीसरा चरण है की आप खुद को जांचे क्या हम जो भी बननना चाहते हैं वैसा बनने की क़ाबलियत  वास्तव में हमारे अंदर है या नहीं। अगर है तो मानसिक तौर पर  अपने आप को तैयार करके जुट जाएँ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में. और अगर आप स्वयं  को लक्ष्य पाने में कमतर पाते हैं तो बिलकुल भी परेशांन न हो और अपने ज्ञान और व्यक्तित्व को अपने लक्ष्य के अनुरूप बनाने में लग जाएँ. ये चरण थोड़ा मुश्किल और बोरिंग है परंतु अगर आप थोड़ा सा धैर्य रख लें तो ये बिलकुल भी असंभव नहीं है. सफल लोग अगर सफलता के शिखर पर  हैं तो उन्होंने ये प्रक्रिया ज़रूर अपनायी होगी.

अपने आत्म-विश्वास पर ज़रूर ध्यान दे. देखें कि आप दूसरों से बात करते समय क्या उन्हें कंविंस कर पातें हैं या नहीं. और अगर नहीं तो आपको अपने  व्यक्तित्व और ज्ञान पर ध्यान देने की आवश्यकता है. वो सारी किताबें जो आपको नयी दिशा देती हैं उन्हें पढ़िए। वो कोर्सेज जो आपकी प्रतिभा को निखार सकते हैं उन्हें ज्वाइन करिये. अपने व्यक्तित्व को और अच्छा करने के लिए मनी इन्वेस्ट करिये।
मेरी मोटिवेशनल क्लासेज के दौरान, लोग मुझसे अपनी प्रोब्लेम्स शेयर करते हैं जैसे बहुत मेहनत करने के बावज़ूद भी उन्हें सफलता  नहीं मिलती तो मै उन्हें यही बताती हूँ कि उन्हें अपने अतीत से निकल कर वर्तमान में रहना सीखना होगा और दूसरी बहुत ज़रूरी बात ये है कि उन्हें अपने बड़े बड़े लक्ष्य पाने के लिए कुछ छोटे-छोटे लक्ष्य बनाने होंगे. और पॉजिटिवली उन लक्ष्य को पाने के लिए प्रयत्न होगा.
अपने आस-पास सकारात्मक लोगों को  पहचानना होगा अगर कोई भी हमारे अंदर नकारात्मक भाव उत्पन्न करता हो तो हमे उससे दूर रहना ही होगा.
दोस्तों, याद रखे कि हमारा जीवन जैसा भी है उसके ज़िम्मेदार हम खुद हैं, अगर हम अपनेआप को बदलने के लिए दृढ-प्रयत्न हैं तो कोई भी हमे  रोक नहीं सकता. तो मेरी शुभकामनायें आप सब के साथ हैं. सकारात्मक विचारों के साथ अपने आप को बदलेने  में लग जाएँ और मेरा विश्वास करें आपकी पूरी लाइफ बदल जाएगी क्योंकि सफलता के लिए बस हमे अपनी आदतें और विचारों को बदलने की ज़रुरत है.
तो अब मुझे अपने विचारों को विराम देने की आज्ञा दें. अगले ब्लॉग में फिर कुछ नयी चर्चा के साथ मिलेंगे.
नमस्कार.
ममता शर्मा



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